मैकेनिकल इंजीनियरिंग तृतीय वर्ष के छात्रों ने विकसित किया स्वदेशी 3D प्रिंटर
मैकेनिकल इंजीनियरिंग (ME) तृतीय वर्ष के छात्रों ने तकनीकी नवाचार और रचनात्मकता का उत्कृष्ट परिचय देते हुए एक स्वदेशी 3D प्रिंटर का सफलतापूर्वक निर्माण किया है। यह उपलब्धि न केवल छात्रों की तकनीकी दक्षता को दर्शाती है, बल्कि “आत्मनिर्भर भारत” की दिशा में एक सराहनीय प्रयास भी है।
इस परियोजना के माध्यम से छात्रों ने अपने सैद्धांतिक ज्ञान को व्यावहारिक रूप में साकार कर दिखाया है।
छात्रों द्वारा विकसित यह 3D प्रिंटर कम लागत में तैयार किया गया है, जिससे यह शैक्षणिक संस्थानों एवं छोटे-मध्यम उद्योगों के लिए विशेष रूप से उपयोगी सिद्ध हो सकता है।
इसे इस प्रकार डिज़ाइन किया गया है कि इसका उपयोग प्रोटोटाइप निर्माण, मॉडल डेवलपमेंट, शैक्षणिक प्रोजेक्ट्स तथा अनुसंधान कार्यों में आसानी से किया जा सके।
इस प्रोजेक्ट के दौरान छात्रों ने मशीन डिज़ाइन, मैकेनिज़्म, मटेरियल सेलेक्शन, इलेक्ट्रॉनिक्स इंटीग्रेशन, कंट्रोल सिस्टम तथा प्रोग्रामिंग जैसे महत्वपूर्ण इंजीनियरिंग पहलुओं पर गहन कार्य किया।
मैकेनिकल विभाग के सभी प्राध्यापको ने छात्रों के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि यह 3D प्रिंटर भविष्य में प्रोटोटाइप डेवलपमेंट, रिसर्च एवं प्रैक्टिकल लर्निंग के क्षेत्र में अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा। उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की परियोजनाएँ छात्रों को उद्योग की वास्तविक चुनौतियों के लिए तैयार करती हैं और नवाचार को बढ़ावा देती हैं।
संस्थान के निदेशक प्रोफेसर डॉ आशीष मालिक ने भी छात्रों की मेहनत, टीमवर्क और अनुशासन की प्रशंसा की। यह उपलब्धि छात्रों के आत्मविश्वास, तकनीकी कौशल और नवाचार की भावना को उजागर करती है। ऐसे प्रोजेक्ट्स न केवल छात्रों के करियर को नई दिशा देते हैं, बल्कि संस्थान की शैक्षणिक गुणवत्ता और तकनीकी पहचान को भी सशक्त बनाते हैं। इस सफल प्रयास से संस्थान का नाम तकनीकी क्षेत्र में गौरवान्वित हुआ है।














