Bachelors of Architecture तृतीय वर्ष (पंचम सेमेस्टर) की डिज़ाइन जूरी सफलतापूर्वक संपन्न Bachelors of Architecture तृतीय वर्ष के छात्रों की पंचम सेमेस्टर की डिज़ाइन जूरी हाल ही में सफलतापूर्वक आयोजित की गई।
यह जूरी विद्यार्थियों के शैक्षणिक मूल्यांकन की एक महत्वपूर्ण प्रक्रिया है, जिसके माध्यम से उनके डिज़ाइन सोच, तकनीकी समझ और वास्तुकला के व्यावहारिक ज्ञान का आकलन किया जाता है। पंचम सेमेस्टर की यह जूरी छात्रों की शैक्षणिक प्रगति का एक अहम पड़ाव मानी जाती है।जूरी के दौरान Bachelors of Architecture तृतीय वर्ष के छात्रों ने अपने डिज़ाइन प्रोजेक्ट्स को बाह्य विशेषज्ञों की जूरी के समक्ष प्रस्तुत किया।
छात्रों ने अपने प्रोजेक्ट्स में विस्तृत site analysis, कॉन्सेप्ट डेवलपमेंट, स्पेस प्लानिंग, तथा फ़ंक्शनल ज़ोनिंग को स्पष्ट रूप से दर्शाया। इसके साथ ही छात्रों ने अपने डिज़ाइन के planning layouts, concept diagrams, sections, elevation views और सहायक ड्रॉइंग्स के माध्यम से अपने विचारों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया।External Jury में शामिल अनुभवी आर्किटेक्ट्स और शिक्षाविदों ने छात्रों के कार्यों का गहन विश्लेषण किया।
जूरी सदस्यों ने डिज़ाइन की उपयुक्तता, साइट के साथ सामंजस्य, उपयोगकर्ता आवश्यकताओं की समझ, टेक्निकल क्लैरिटी और सौंदर्यबोध के आधार पर छात्रों का मूल्यांकन किया। प्रस्तुतियों के दौरान छात्रों को उनके डिज़ाइन दृष्टिकोण पर insightful reviews प्राप्त हुए, जिससे उन्हें अपने कार्य की खूबियों और कमियों को समझने का अवसर मिला।
इस External Jury प्रक्रिया के माध्यम से छात्रों को पेशेवर स्तर की आलोचना का अनुभव प्राप्त हुआ, जो उनके आत्मविश्वास और डिज़ाइन प्रस्तुति कौशल को सशक्त बनाता है। जूरी द्वारा दिए गए सुझावों ने छात्रों को भविष्य में अपने डिज़ाइन अप्रोच को और अधिक व्यावहारिक और नवोन्मेषी बनाने की दिशा प्रदान की।
यह जूरी Bachelors of Architecture तृतीय वर्ष के छात्रों के लिए पंचम सेमेस्टर की सफल पूर्णता का प्रतीक रही। इस मूल्यांकन के आधार पर छात्रों को उनके प्रदर्शन के अनुसार अंक प्रदान किए गए।
इस प्रकार की External Jury छात्रों को वास्तुकला के व्यावसायिक मानकों से परिचित कराती है और उन्हें आगामी सेमेस्टर की जटिल डिज़ाइन चुनौतियों के लिए तैयार करती है। यह आयोजन अकादमिक उत्कृष्टता और व्यावहारिक सीख की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुआ।
















